चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय, पामगढ़ में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.के. गुप्ता द्वारा भारत माता, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के तैलचित्र पर पुष्पांजलि कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगान गाया गया।
अपने उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर आगे बढ़ने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें केवल उत्सव मनाने का अवसर ही नहीं देता, बल्कि हमें राष्ट्रीय कर्तव्यों, अधिकारों और दायित्वों के समझने की प्रेरणा भी देता है।
महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. वीणापाणी दुबे ने कहा कि स्वतंत्रता हमें पूर्वजों के बलिदान से प्राप्त हुई है, इसलिए हमें अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अशोक सिंह यादव ने युवाओं को देश की विकास यात्रा में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।
आलाप तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों को सीमाओं से परे उठकर देशहित के कार्यों से जोड़कर देखना चाहिए। डॉ. नरेंद्रनाथ गुरिया ने विद्यार्थियों को शिक्षा, नवाचार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
महाविद्यालय के वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र धीवर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और पुरातन संस्कार जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य और कविताओं की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक ऋषभ देव पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।