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दिनांक 10 फरवरी 2025 को IQAC हॉल में "अपने छत्तीसगढ़ को जानें" विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र का संचालन श्री राहुल कुमार सिंह द्वारा किया गया, जो पुरातत्व, इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.के. गुप्ता एवं अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्री राहुल कुमार सिंह, जो अकलतरा, छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, ने छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व, साहित्य एवं प्राकृतिक विविधता पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने ताला, डीपाडीह, सिसदेवरी, महेशपुर, मदकू दीप जैसे अनेक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों की खुदाई एवं अनुसंधान में अपनी भूमिका साझा की। साथ ही, छत्तीसगढ़ के लोक-पुराण, साहित्यिक धरोहर, रामनामी समुदाय और अन्य सांस्कृतिक विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उनके योगदान, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2018 में पैनलिस्ट के रूप में अनुभव, प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए व्याख्यानों एवं उनके द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तकों 'एक थे फूफा', 'सिंहावलोकन' और 'छत्तीसगढ़ का लोक-पुराण' पर भी चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विकास की महत्ता को उजागर किया, जिससे छात्रों एवं उपस्थित जनसमूह को अपने राज्य की समृद्ध विरासत को गहराई से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. वी.के. गुप्ता ने श्री राहुल कुमार सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के व्याख्यान युवा पीढ़ी को अपने राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा से जोड़ने में सहायक होते हैं। वहीं, श्री वीरेन्द्र तिवारी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे शोध और ज्ञानवर्धन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें श्री राहुल कुमार सिंह के योगदान को सराहा गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को जानने और समझने के लिए एक प्रभावशाली पहल साबित हुआ।